000 | 02375ngmaa2200457 a 4500 | ||
---|---|---|---|
001 | BI1187 | ||
003 | IGNCA | ||
006 | g||||fr|||| a0| fz | ||
007 | hj bfb|||baap | ||
008 | 090707b ii f a fnsan d | ||
041 | _asan | ||
082 | _aBIR | ||
082 | _b78 | ||
100 | _bKṛṣṇapaṇḍita | ||
242 | _aPrakriyakaumuditika | ||
245 | _aप्रक्रियाकौमुदीटीका | ||
245 | _cKṛṣṇapaṇḍita | ||
246 | _aPrakriyākaumudīṭīkā | ||
260 | _aPune | ||
260 | _bBORI | ||
300 | _aFolios 626; L 10, W 50 | ||
300 | _c10 1/2 X 4 1/2 | ||
340 | _aPaper | ||
500 | _aComplete | ||
500 | _aश्रीगण्शायनमः।। सिद्धे शब्दो र्थसंबन्धे इति वार्तिककारेणार्थे प्रयुक्तानां शब्दानि मिदमनुसा सतमित्युक्तम्। प्रयोगश्र्व पदस्यैव अपदेव प्रवुञ्जीतेति निपेधात्।। पदं च द्विविधे सुप्तिडन्तं पदमिति वचनात्। तत्र श्रुतक्रमानुरोधेन सुबन्तानि व्युत्पाद्य तिडन्तानि | ||
505 | _gHand writing generally legible and not very correctly written.-Original rec. no. 111 | ||
533 | _aMFL | ||
533 | _bNew Delhi | ||
533 | _cIGNCA | ||
546 | _aSanskrit | ||
546 | _bDevanagari | ||
546 | _bDevanāgarī | ||
630 | _aVyākaraṇa ; Pāṇinīya Vyākaraṇa ; Sanskrit language-Grammar | ||
830 | _a Paniniya Vyakarana | ||
830 | _a Sanskrit language-Grammar | ||
830 | _aKrsnapandita | ||
830 | _aVyakarana | ||
942 | _cMS | ||
999 |
_c650208 _d650207 |