रत्नत्रयवर्धिनी पूर्वार्ध (गाथा 1-76) संपा. और अनु. दामोदर शास्त्री - नई दिल्ली: भारतीय ज्ञानपीठ, n.d.: - 2V 25cm. Subjects--Topical Terms: Sanskrit literatureIndic literatureHindu literatureViragsagar ji Maharaj Dewey Class. No.: 891.2 / RAT