जगत में धर्म ही सर्वोपरि है महापुरुषों की वाणी (गागर में सागर)
जगत में धर्म ही सर्वोपरि है महापुरुषों की वाणी (गागर में सागर)
- बेंगलोर संघवी लालचन्द जीवराज [n.d.]
- 269p
Jaina philosophy Religious life - Jainism
294.4 / JAG
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