प्रेमेयरत्नालंकार
अभिनवचारूकीर्ती
प्रेमेयरत्नालंकार अभिनवचारूकीर्ती; सम्पादक ए. शांतीराजे शास्त्री - मैसूर भारतीय विधा प्रकाशन 1948 - xx, 220, 12p. 22cm - ओरिय्न्टल रिसर्च इन्सीटिटुयुट पब्लिकेश्न. संस्कृत सीरिज न.88 .
Jaina philosophy
Philosophy, Jaina
181.044 / ABH
प्रेमेयरत्नालंकार अभिनवचारूकीर्ती; सम्पादक ए. शांतीराजे शास्त्री - मैसूर भारतीय विधा प्रकाशन 1948 - xx, 220, 12p. 22cm - ओरिय्न्टल रिसर्च इन्सीटिटुयुट पब्लिकेश्न. संस्कृत सीरिज न.88 .
Jaina philosophy
Philosophy, Jaina
181.044 / ABH