भावनोपनिषद्
Material type:
- Bhāvanopaniṣad
- BIR
- 27
Item type | Current library | Call number | Status | Date due | Barcode | |
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Indira Gandhi National Centre for the Arts | BIR27 (Browse shelf(Opens below)) | Available | BI781 |
Incomplete
एवं मुहूर्तत्रयं भावनया युक्तो जीवन्मुक्तो भवति । तस्य देवात्मैक्यसिद्धिः चिंतितकार्यण्यत्नेन सिध्यन्ते । स एव शिवयोगीति कथ्यते।। इत्युपनिषत् ।। ओं श्रीमद्विश्वाधिष्ठानपरमहंसद्गुरुरामचन्द्रार्पणमस्तु।। भावनोपनिषत्समाप्ता ।। श्री ।।
MFL
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