तैत्तिरीयोपनिषद्विवरण
Material type:
- Taittirīyopaniṣadvivaraṇa
- BIR
- 13
Item type | Current library | Call number | Status | Date due | Barcode | |
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Indira Gandhi National Centre for the Arts | BIR13 (Browse shelf(Opens below)) | Available | BI427 |
Incomplete
सुवर्णः सुवरादित्य आदित्य इव सकृद्विभातमस्मदीयं ज्योतिः ज्योतिः प्रकाशः इत्यर्थः।। इति वल्लीद्वयविहितोपतिमत् परमात्मज्ञानं तामेतां यथोक्तामुपनिषदं शांतोदांत उपरतस्तितिक्षः समाहितो भूत्वा भूत्वा भृगुवत्तपो महदास्थापये एवं वेद तस्येवं फलं यथोक्तमिति।।
MFL
New Delhi
IGNCA
Sanskrit
Devanagari
Devanāgarī
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